MCVK, Indore | 6 अगस्त 2026
रिपोर्ट: MCVK Team

मानव चेतना विकास केंद्र (एमसीवीके), इंदौर में जन्मदिन केवल आयु बढ़ने का उत्सव नहीं होता, बल्कि यह अपने जीवन को देखने, पिछले एक वर्ष की यात्रा का आत्ममूल्यांकन करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक विशेष अवसर होता है। यहाँ हर जन्मदिन व्यक्ति के लिए स्वयं को समझने और परिवार के साथ अपनी प्रगति साझा करने का दिन बन जाता है।
इस दिन पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण रहता है। परिवार मिलकर विशेष व्यंजन बनाते हैं, मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं, गीत गाए जाते हैं और हर चेहरा आत्मीय मुस्कान से खिल उठता है। यहाँ जन्मदिन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का उत्सव बन जाता है। हर किसी के मन में स्नेह, अपनापन और एक-दूसरे की प्रगति की सच्ची खुशी दिखाई देती है।
इसी आत्मीय वातावरण के बीच आज डॉ. अभय वानखेड़े और नेहा दीदी की पुत्री गुड्डू का जन्मदिन पूरे एमसीवीके परिवार ने बड़े उत्साह और प्रेम के साथ मनाया। सभी परिवारों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके सुखद एवं सार्थक जीवन की कामना की।
शाम को एमसीवीके ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अभय वानखेड़े ने अपनी जीवन-यात्रा साझा करते हुए पिछले एक वर्ष में अपने भीतर आए परिवर्तनों, सीख और प्रगति का आत्ममूल्यांकन सभी के सामने रखा। उनके अनुभवों ने उपस्थित लोगों को यह महसूस कराया कि वास्तविक प्रगति केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि व्यक्ति की समझ, व्यवहार और संबंधों में दिखाई देती है।
इस अवसर पर गीता दायमा जी ने डॉ. अभय की निष्ठा, समर्पण और निरंतरता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यकर्ता किसी भी विचार-यात्रा की वास्तविक शक्ति होते हैं।
एमसीवीके के संस्थापक अजय दायमा ने कहा कि डॉ. अभय का जीवन निरंतर आत्मसंतुष्टि और प्रामाणिक आचरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं बदलता है, तभी उसका जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है।
एमसीवीके की संस्थापक सदस्य वर्षा दायमा ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नागराज जी के विचारों और इस संस्थान के प्रति उनकी निष्ठा अत्यंत मूल्यवान है। यही निष्ठा व्यक्ति को भीतर से समृद्ध बनाती है और उसे समाज के लिए उपयोगी बनाती है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब डॉ. अभय वानखेड़े की जीवनसंगिनी प्रीति दीदी ने अपने मन की बात साझा की। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा में उन्होंने हमेशा डॉ. अभय को स्वयं से आगे बढ़ते हुए देखा है। उनका विश्वास, धैर्य और साथ ही पूरे परिवार का सबसे बड़ा संबल रहा है। उनके शब्दों ने वहाँ उपस्थित अनेक लोगों की आँखें नम कर दीं।
इस अवसर पर विकल्प शिविर में भाग लेने के लिए लखनऊ से आए मोहित धवन ने भी अपने भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा,
“अभय भैया से मेरा संबंध वर्षों पुराना नहीं है, लेकिन जितना भी समय उनके साथ बिताने का अवसर मिला, उसमें उनका स्नेह, अपनापन और सहज सहयोग हमेशा महसूस हुआ। पिछले कुछ सप्ताहों में उनके साथ हुई यात्राओं और संवादों ने मुझे बहुत प्रेरित किया। उनका आत्मीय व्यवहार हर नए व्यक्ति को यह एहसास कराता है कि वह किसी संस्था में नहीं, बल्कि अपने ही परिवार के बीच है।”
जन्मदिन का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश देकर समाप्त हुआ कि एमसीवीके में जन्मदिन केवल केक काटने या शुभकामनाएँ देने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की दिशा पर विचार करने, अपनी प्रगति साझा करने और पूरे परिवार के साथ मिलकर एक-दूसरे की यात्रा का उत्सव मनाने का अवसर है। शायद यही आत्मीयता एमसीवीके को केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक जीवंत परिवार बनाती है।




