“जब भजन सुनने नहीं, उनमें डूबने लगा Lucknow: Kumar Satyam की Bhajan Jamming”

Lucknow में Kumar Satyam की Bhajan Jamming ने Dr. B.R. Ambedkar Auditorium को भक्ति के रंग में रंग दिया। पढ़िए 17 सितंबर की इस संगीतमय शाम का अनुभव।

आज लखनऊ में एक अलग रंग में नजर आएंगे कुमार सत्यम

✍️ मोहित धवनलखनऊ | 17 सितंबर 2026 आज शाम लखनऊ में भजन सिर्फ सुने नहीं जाएंगे, उन्हें साथ मिलकर गाने और महसूस करने की कोशिश भी होगी। Dr. B.R. Ambedkar Auditorium में जब कुमार सत्यम हारमोनियम के सामने बैठेंगे, तो महफ़िल पारंपरिक भजन संध्या से कुछ अलग होगी। EUM—Emotion, Unity & Music में आज काContinue reading “आज लखनऊ में एक अलग रंग में नजर आएंगे कुमार सत्यम”

मोदक: स्वाद से भाव तक की यात्रा

लखनऊ, 16 सितंबर 2026लेखक ✍️ मोहित धवन आज तय हुआ कि शाम को बप्पा के दर्शन के लिए जाना है। मन में सहज ही ख्याल आया—उनके प्रिय मोदक तो साथ होने चाहिए। इसी बहाने मिठाई की दुकान पहुंचा। सामने सजे मोदकों पर नजर पड़ी तो कुछ देर ठहर गई। मावा, केसर, मेवे से लेकर चॉकलेटContinue reading “मोदक: स्वाद से भाव तक की यात्रा”

गणपति बप्पा मोरया: जब बप्पा आते हैं, घर उत्सव बन जाता है

आस्था, परंपरा और सामाजिक जुड़ाव का पर्व, जिसका रंग महाराष्ट्र से निकलकर देश-दुनिया तक पहुंच चुका है ✍️ मोहित धवन14 सितंबर 2026 गणपति बप्पा मोरया…! 🙏❤️ आज से अगले दस दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में यह जयघोष सुनाई देगा। घरों में गणपति विराजेंगे, पंडाल जगमगाएंगे, आरती होगी, मोदक और प्रसाद बंटेंगे। लेकिन गणेशोत्सवContinue reading “गणपति बप्पा मोरया: जब बप्पा आते हैं, घर उत्सव बन जाता है”

राज खन्ना: किताबों से भरे एक घर की कहानी

पाँच दशक की पत्रकारिता, कानून में मुकाम और शब्दों-रिश्तों से बना एक सफर ✍️ मोहित धवन12 सितंबर 2026 कुछ लोगों को जानने के लिए उनके पद, पेशे या मिले सम्मानों की सूची पर्याप्त नहीं होती। उन्हें समझना हो तो देखना पड़ता है कि उन्होंने क्या पढ़ा, क्या लिखा, किन रिश्तों को निभाया और जब किसीContinue reading “राज खन्ना: किताबों से भरे एक घर की कहानी”

मैं और मेरा हरी मिर्च प्रेम… 💚

एक स्वाद, जिसकी जड़ें बचपन की यादों में हैं ✍️ मोहित धवन📅 11 सितंबर 2026 परसों सब्ज़ी मंडी जाने लगा तो पत्नी ने चलते-चलते कहा—“हरी मिर्च मत लाना, घर में रखी हुई है।” मैंने हाँ कह दिया। लेकिन मंडी में सब्ज़ियाँ खरीदते-खरीदते जब ताज़ी हरी मिर्च सामने दिखीं, तो उन्हें छोड़कर आगे बढ़ना मुश्किल होContinue reading “मैं और मेरा हरी मिर्च प्रेम… 💚”

आखिर ऐसा क्या है बाबा नीब करोरी में?

‘हनुमान अंश’ देखते हुए लौटी एक पुरानी स्मृति और मन में उठा एक सवाल ✍️ मोहित धवन7 सितंबर 2026 आज ‘हनुमान अंश’ देखकर सिनेमा हॉल से बाहर निकला तो मन प्रसन्न था, लेकिन फिल्म मुझे करीब 33–34 साल पीछे भी ले गई। बात शायद 1992-93 के आसपास की है। हमारे एक शिक्षक हुआ करते थे—रमेशContinue reading “आखिर ऐसा क्या है बाबा नीब करोरी में?”

RSS के सौ साल: क्या चाल, चरित्र और चेहरा बदल रहा है?

शाखा और चरित्र निर्माण से सत्ता के करीब तक, गांधी-अंबेडकर से आर्थिक असमानता तक—एक सदी की यात्रा कुछ नए सवाल भी खड़े करती है ✍️ मोहित धवन5 सितंबर 2026 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की सौ साल की यात्रा को केवल हिंदुत्व या राजनीति की कहानी मानना शायद अधूरी तस्वीर देखना होगा। यह एक ऐसेContinue reading “RSS के सौ साल: क्या चाल, चरित्र और चेहरा बदल रहा है?”

‘Winning Through Execution’: A Book Rooted in the Real World of Sales

✍️ Mohit Dhawan 3 September 2026, Some books introduce us to their authors. In the case of Winning Through Execution, it is the other way around for me. I have known its author, Maneesh Kapur, since the days when we both worked with PepsiCo India. I was based in Delhi at the time, while ManeeshContinue reading “‘Winning Through Execution’: A Book Rooted in the Real World of Sales”

कृष्ण और सुदामा: क्या दोस्ती अब भी बिना हैसियत देखे होती है?

पंद्रह साल बाद एक पुराने मित्र से हुई बातचीत ने याद दिलाया कि समय हमारी परिस्थितियां बदल सकता है, लेकिन कुछ रिश्तों में अपनापन शायद वहीं ठहरा रहता है। ✍️ मोहित धवन2 सितंबर 2026 कल अचानक एक पुराने मित्र का फोन आया। बात शुरू हुई तो एहसास हुआ कि शायद करीब 15 साल बाद हमContinue reading “कृष्ण और सुदामा: क्या दोस्ती अब भी बिना हैसियत देखे होती है?”